रूख बदन करि बचन मृदु बोले
रूख बदन करि बचन मृदु बोले
दोहा १२८ · बालकाण्ड
दोहा पाठ
रूख बदन करि बचन मृदु बोले श्रीभगवान। तुम्हरे सुमिरन तें मिटहिं मोह मार मद मान॥ १२८ ॥
अर्थ
भगवान् रूखा मुँह करके कोमल वचन बोले--हे मुनिराज! आपके स्मरण से मोह, काम, मद और मान मिट जाते हैं।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “नारद का अभिमान और माया” प्रकरण का दोहा १२८ है। इस प्रकरण में नारद का कामजय के बाद अभिमान और भगवान की माया का प्रभाव का वर्णन है।
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नारद का अभिमान और माया