राउ अवधपुर चहत सिधाए

चौपाई ३, दोहा ३३६ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

राउ अवधपुर चहत सिधाए। बिदा होन हम इहाँ पठाए॥ मातु मुदित मन आयसु देहू। बालक जानि करब नित नेहू॥ ३ ॥

अर्थ

महाराज अयोध्यापुरी को चलना चाहते हैं। उन्होंने हमें विदा होने के लिये यहाँ भेजा है। हे माता! प्रसन्न मन से आज्ञा दीजिये और हमें अपने बालक जानकर सदा स्नेह बनाये रखियेगा।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “श्रीसीता-राम विवाह” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा ३३६ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में श्रीसीता-राम सहित चारों राजकुमारों के विवाह और जनकपुर के मंगलमय उत्सव का वर्णन है।

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श्रीसीता-राम विवाह