रामकथा ससि किरन समाना

चौपाई ४, दोहा ४७ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

रामकथा ससि किरन समाना। संत चकोर करहिं जेहि पाना॥ ऐसेइ संसय कीन्ह भवानी। महादेव तब कहा बखानी॥ ४ ॥

अर्थ

श्रीरामजी की कथा चन्द्रमा की किरणों के समान है, जिसे संतरूपी चकोर सदा पान करते हैं। ऐसा ही सन्देह पार्वतीजी ने किया था, तब महादेवजी ने विस्तार से उसका उत्तर दिया था।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “याज्ञवल्क्य-भरद्वाज संवाद, प्रयाग माहात्म्य” प्रकरण का चौपाई ४, दोहा ४७ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में प्रयाग में भरद्वाज और याज्ञवल्क्य के संवाद तथा रामकथा की भूमिका का वर्णन है।

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याज्ञवल्क्य-भरद्वाज संवाद, प्रयाग माहात्म्य