राम कहा मुनि कहहु बिचारी
राम कहा मुनि कहहु बिचारी
चौपाई ४, दोहा २८३ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
राम कहा मुनि कहहु बिचारी। रिस अति बड़ि लघु चूक हमारी॥ छुअतहिं टूट पिनाक पुराना। मैं केहि हेतु करौं अभिमाना॥ ४ ॥
अर्थ
श्रीरामचन्द्रजी ने कहा-- हे मुनि! विचार कर बोलिए। आपका क्रोध बहुत बड़ा है। और मेरी भूल बहुत छोटी है। पुराना धनुष था, छूते ही टूट गया। मैं किस कारण अभिमान करूँ?
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “श्रीराम-लक्ष्मण और परशुराम संवाद” प्रकरण का चौपाई ४, दोहा २८३ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में श्रीराम-लक्ष्मण और परशुराम के मध्य तीखा संवाद तथा परशुराम का शांत होना का वर्णन है।
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श्रीराम-लक्ष्मण और परशुराम संवाद