राजकुअँर तेहि अवसर आए

चौपाई १, दोहा २४१ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

राजकुअँर तेहि अवसर आए। मनहुँ मनोहरता तन छाए॥ गुन सागर नागर बर बीरा। सुंदर स्यामल गौर सरीरा॥ १ ॥

अर्थ

उसी समय राजकुमार (राम और लक्ष्मण) वहाँ आये। [वे ऐसे सुन्दर हैं] मानो मनोहरता ही उनके तन पर छायी हुई हो। वे गुणों के सागर, चतुर और श्रेष्ठ वीर हैं। सुन्दर श्यामल और गौर शरीर वाले हैं।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “विश्वामित्र का यज्ञशाला में प्रवेश” प्रकरण का चौपाई १, दोहा २४१ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में विश्वामित्र के साथ यज्ञशाला में श्रीराम-लक्ष्मण के प्रवेश और सभा के विविध भावमय दर्शन का वर्णन है।

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विश्वामित्र का यज्ञशाला में प्रवेश