पुरुषसिंह दोउ बीर हरषि चले मुनि
पुरुषसिंह दोउ बीर हरषि चले मुनि
सोरठा २०८ (ख) · बालकाण्ड
सोरठा पाठ
पुरुषसिंह दोउ बीर हरषि चले मुनि भय हरन। कृपासिंधु मतिधीर अखिल बिस्व कारन करन॥ २०८ (ख) ॥
अर्थ
पुरुषों में सिंह रूप दोनों भाई (राम-लक्ष्मण) मुनि का भय हरने के लिये प्रसन्न होकर चले। वे कृपा के समुद्र, धीरबुद्धि और सम्पूर्ण विश्व के कारण के भी कारण हैं।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “विश्वामित्र का राम-लक्ष्मण माँगना” प्रकरण का सोरठा २०८ (ख) है। इस प्रकरण में विश्वामित्र द्वारा यज्ञ-रक्षा हेतु राम-लक्ष्मण को माँगने और दशरथ द्वारा वशिष्ठ की सम्मति से उन्हें भेजने का वर्णन है।
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विश्वामित्र का राम-लक्ष्मण माँगना