पुनि प्रभु कहहु सो तत्त्व बखानी

चौपाई १, दोहा १११ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

पुनि प्रभु कहहु सो तत्त्व बखानी। जेहिं बिग्यान मगन मुनि ग्यानी॥ भगति ग्यान बिग्यान बिरागा। पुनि सब बरनहु सहित बिभागा॥ १ ॥

अर्थ

हे प्रभु! फिर आप उस तत्त्व को समझाकर कहिये, जिसकी अनुभूति में ज्ञानी मुनिगण सदा मग्र रहते हैं; और फिर भक्ति, ज्ञान, विज्ञान और वैराग्य का विभाग सहित वर्णन कीजिये।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “शिव-पार्वती संवाद” प्रकरण का चौपाई १, दोहा १११ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में विवाह के बाद पार्वती द्वारा राम के स्वरूप और अवतार-रहस्य के विषय में शिवजी से प्रेमपूर्ण संवाद का वर्णन है।

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शिव-पार्वती संवाद