पूछेउ तब सिवँ कहेउ बखानी
पूछेउ तब सिवँ कहेउ बखानी
चौपाई ३, दोहा ६१ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
पूछेउ तब सिवँ कहेउ बखानी। पिता जग्य सुनि कछु हरषानी॥ जौं महेसु मोहि आयसु देहीं। कछु दिन जाइ रहौं मिस एहीं॥ ३ ॥
अर्थ
सतीजी ने [विमानों में देवताओं के जाने का कारण] पूछा, तब शिवजी ने सब बातें बतलायीं। पिताके यज्ञ की बात सुनकर सती कुछ प्रसन्न हुईं और सोचने लगीं कि यदि महादेवजी मुझे आज्ञा दें, तो इसी बहाने कुछ दिन पिताके घर जाकर रहूँ।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “शिवजी द्वारा सती का त्याग” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा ६१ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में शिवजी द्वारा सती को त्यागने और गहन समाधि में लीन होने का वर्णन है।
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शिवजी द्वारा सती का त्याग