प्रेमबिबस परिवारु सबु जानि सुलगन नरेस
प्रेमबिबस परिवारु सबु जानि सुलगन नरेस
दोहा ३३८ · बालकाण्ड
दोहा पाठ
प्रेमबिबस परिवारु सबु जानि सुलगन नरेस। कुअँरि चढ़ाईं पालकिन्ह सुमिरे सिद्धि गनेस॥ ३३८ ॥
अर्थ
सारा परिवार प्रेम में विवश है। राजा ने सुन्दर मुहूर्त जानकर सिद्धि सहित गणेशजी का स्मरण करके कन्याओं को पालकियों पर चढ़ाया।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “श्रीसीता-राम विवाह” प्रकरण का दोहा ३३८ है। इस प्रकरण में श्रीसीता-राम सहित चारों राजकुमारों के विवाह और जनकपुर के मंगलमय उत्सव का वर्णन है।
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श्रीसीता-राम विवाह