परुसन लगे सुआर सुजाना

चौपाई २, दोहा ३२९ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

परुसन लगे सुआर सुजाना। बिंजन बिबिध नाम को जाना॥ चारि भाँति भोजन बिधि गाई। एक एक बिधि बरनि न जाई॥ २ ॥

अर्थ

चतुर रसोइये नाना प्रकार के व्यंजन परोसने लगे, उनका नाम कौन जानता है। चार प्रकार के (चर्व्य, चोष्य, लेह्य, पेय अर्थात्‌ चबाकर, चूसकर, चाटकर और पीकर खाने योग्य) भोजन की विधि कही गयी है, उनमें से एक-एक विधि के इतने पदार्थ बने थे कि जिनका वर्णन नहीं किया जा सकता।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “श्रीसीता-राम विवाह” प्रकरण का चौपाई २, दोहा ३२९ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में श्रीसीता-राम सहित चारों राजकुमारों के विवाह और जनकपुर के मंगलमय उत्सव का वर्णन है।

पूरा प्रकरण पढ़ें

पूरा प्रकरण पढ़ें
श्रीसीता-राम विवाह