परसुरामु तब राम प्रति बोले उर
परसुरामु तब राम प्रति बोले उर
दोहा २८० · बालकाण्ड
दोहा पाठ
परसुरामु तब राम प्रति बोले उर अति क्रोधु। संभु सरासनु तोरि सठ करसि हमार प्रबोधु॥ २८० ॥
अर्थ
तब परशुरामजी हृदय में अत्यन्त क्रोध भरकर श्रीरामजी से बोले-- अरे शठ! तू शिवजी का धनुष तोड़कर उलटा हमीं को ज्ञान सिखाता है!
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “श्रीराम-लक्ष्मण और परशुराम संवाद” प्रकरण का दोहा २८० है। इस प्रकरण में श्रीराम-लक्ष्मण और परशुराम के मध्य तीखा संवाद तथा परशुराम का शांत होना का वर्णन है।
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श्रीराम-लक्ष्मण और परशुराम संवाद