पहुँचे दूत राम पुर पावन
पहुँचे दूत राम पुर पावन
चौपाई १, दोहा २९० के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
पहुँचे दूत राम पुर पावन। हरषे नगर बिलोकि सुहावन॥ भूप द्वार तिन्ह खबरि जनाई। दसरथ नृप सुनि लिए बोलाई॥ १ ॥
अर्थ
जनकजी के दूत श्रीरामचन्द्रजी की पवित्र पुरी अयोध्या में पहुँचे। सुन्दर नगर देखकर वे हर्षित हुए। राजद्वार पर जाकर उन्होंने खबर भेजी; राजा दशरथजी ने सुनकर उन्हें बुला लिया।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “जनक का दूत, बारात का प्रस्थान” प्रकरण का चौपाई १, दोहा २९० के अंतर्गत है। इस प्रकरण में जनक के दूत के संदेश पर दशरथजी की बारात का जनकपुर के लिए हर्षपूर्ण प्रस्थान का वर्णन है।
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जनक का दूत, बारात का प्रस्थान