नाथ करहु बालक पर छोहू
नाथ करहु बालक पर छोहू
चौपाई १, दोहा २७७ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
नाथ करहु बालक पर छोहू। सूध दूधमुख करिअ न कोहू॥ जौं पै प्रभु प्रभाउ कछु जाना। तौ कि बराबरि करत अयाना॥ १ ॥
अर्थ
हे नाथ! बालक पर कृपा कीजिये। इस सीधे और दूधमुखे बच्चे पर क्रोध न कीजिये। यदि यह प्रभु का कुछ भी प्रभाव जानता, तो क्या यह बेसमझ आपकी बराबरी करता?
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “श्रीराम-लक्ष्मण और परशुराम संवाद” प्रकरण का चौपाई १, दोहा २७७ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में श्रीराम-लक्ष्मण और परशुराम के मध्य तीखा संवाद तथा परशुराम का शांत होना का वर्णन है।
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श्रीराम-लक्ष्मण और परशुराम संवाद