नारद श्राप दीन्ह एक बारा
नारद श्राप दीन्ह एक बारा
चौपाई ३, दोहा १२४ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
नारद श्राप दीन्ह एक बारा। कलप एक तेहि लगि अवतारा॥ गिरिजा चकित भईं सुनि बानी। नारद बिष्नुभगत पुनि ग्यानी॥ ३ ॥
अर्थ
एक बार नारदजी ने शाप दिया, अतः एक कल्प में उसके लिये अवतार हुआ। यह बात सुनकर पार्वतीजी बड़ी चकित हुईं [और बोलीं कि] नारदजी तो विष्णुभक्त और ज्ञानी हैं।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “श्रीरामावतार के हेतु” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा १२४ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में श्रीरामावतार के कारणों और रावण-कुम्भकर्ण के जन्म के हेतु का वर्णन है।
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श्रीरामावतार के हेतु