नारद कहेउ सहित अभिमाना
नारद कहेउ सहित अभिमाना
चौपाई २, दोहा १२९ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
नारद कहेउ सहित अभिमाना। कृपा तुम्हारि सकल भगवाना॥ करुनानिधि मन दीख बिचारी। उर अंकुरेउ गरब तरु भारी॥ २ ॥
अर्थ
नारदजी ने अभिमान के साथ कहा--भगवन्! यह सब आपकी कृपा है। करुणानिधान भगवान् ने मन में विचारकर देखा कि इनके हृदय में गर्व रूपी बड़े वृक्ष का अंकुर उग आया है।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “नारद का अभिमान और माया” प्रकरण का चौपाई २, दोहा १२९ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में नारद का कामजय के बाद अभिमान और भगवान की माया का प्रभाव का वर्णन है।
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नारद का अभिमान और माया