मोर कहा सुनि करहु उपाई
मोर कहा सुनि करहु उपाई
चौपाई १, दोहा ८३ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
मोर कहा सुनि करहु उपाई। होइहि ईस्वर करिहि सहाई॥ सतीं जो तजी दच्छ मख देहा। जनमी जाइ हिमाचल गेहा॥ १ ॥
अर्थ
मेरी बात सुनकर उपाय करो। ईश्वर सहायता करेंगे और काम हो जाएगा। सतीजी ने जो दक्ष के यज्ञ में देह का त्याग किया था, उन्होंने अब हिमाचल के घर जाकर जन्म लिया है।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “सप्तर्षियों की परीक्षा में पार्वती” प्रकरण का चौपाई १, दोहा ८३ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में सप्तर्षियों द्वारा पार्वतीजी की निष्ठा-परीक्षा और उनकी अडिग भक्ति एवं महिमा का वर्णन है।
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सप्तर्षियों की परीक्षा में पार्वती