मज्जनु करि सर सखिन्ह समेता

चौपाई ३, दोहा २२८ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

मज्जनु करि सर सखिन्ह समेता। गई मुदित मन गौरि निकेता॥ पूजा कीन्हि अधिक अनुरागा। निज अनुरूप सुभग बरु मागा॥ ३ ॥

अर्थ

सखियों सहित सरोवर में स्नान करके सीताजी प्रसन्न मन से गिरिजाजी के निकेतन में गयीं। उन्होंने बड़े प्रेम से पूजा की और अपने योग्य सुन्दर वर माँगा।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “पुष्पवाटिका में सीताराम का मिलन” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा २२८ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में पुष्पवाटिका में श्रीसीताराम का परस्पर प्रथम दर्शन और मिलन का वर्णन है।

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पुष्पवाटिका में सीताराम का मिलन