एक सखी सिय संगु बिहाई
एक सखी सिय संगु बिहाई
चौपाई ४, दोहा २२८ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
एक सखी सिय संगु बिहाई। गई रही देखन फुलवाई॥ तेहिं दोउ बंधु बिलोके जाई। प्रेम बिबस सीता पहिं आई॥ ४ ॥
अर्थ
एक सखी सीताजी का संग छोड़कर फुलवाड़ी देखने चली गयी थी। उसने जाकर दोनों भाइयों को देखा और प्रेम में विह्वल होकर वह सीताजी के पास आयी।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “पुष्पवाटिका में सीताराम का मिलन” प्रकरण का चौपाई ४, दोहा २२८ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में पुष्पवाटिका में श्रीसीताराम का परस्पर प्रथम दर्शन और मिलन का वर्णन है।
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पुष्पवाटिका में सीताराम का मिलन