लखन सकोप बचन जे बोले
लखन सकोप बचन जे बोले
चौपाई १, दोहा २५४ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
लखन सकोप बचन जे बोले। डगमगानि महि दिग्गज डोले॥ सकल लोग सब भूप डेराने। सिय हियँ हरषु जनकु सकुचाने॥ १ ॥
अर्थ
ज्यों ही लक्ष्मणजी ने क्रोध भरे वचन बोले कि पृथ्वी डगमगा उठी और दिशाओं के हाथी काँप उठे। सभी लोग और सब राजा डर गये। सीताजी के हृदय में हर्ष हुआ और जनकजी सकुचा गये।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “श्रीलक्ष्मणजी का क्रोध” प्रकरण का चौपाई १, दोहा २५४ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में लक्ष्मणजी के धर्मयुक्त रोष और रघुवंश के पराक्रम के प्रकटीकरण का वर्णन है।
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श्रीलक्ष्मणजी का क्रोध