करम धरम इतिहास अनेका
करम धरम इतिहास अनेका
चौपाई ३, दोहा १६३ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
करम धरम इतिहास अनेका। करइ निरूपन बिरति बिबेका॥ उदभव पालन प्रलय कहानी। कहेसि अमित आचरज बखानी॥ ३ ॥
अर्थ
कर्म, धर्म और अनेकों प्रकार के इतिहास कहकर वह वैराग्य और विवेक का निरूपण करने लगा। सृष्टि की उत्पत्ति, पालन (स्थिति) और संहार (प्रलय) की अपार आश्चर्यभरी कथाएँ उसने विस्तार से कहीं।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “प्रतापभानु की कथा” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा १६३ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में राजा प्रतापभानु के छल द्वारा विपथित होने और ब्राह्मण-शाप से उनके विनाश का वर्णन है।
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प्रतापभानु की कथा