कह तापस नृप ऐसेइ होऊ
कह तापस नृप ऐसेइ होऊ
चौपाई १, दोहा १६५ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
कह तापस नृप ऐसेइ होऊ। कारन एक कठिन सुनु सोऊ॥ कालउ तुअ पद नाइहि सीसा। एक बिप्रकुल छाड़ि महीसा॥ १ ॥
अर्थ
तपस्वी ने कहा—हे राजन्! ऐसा ही हो, पर एक बात कठिन है, उसे भी सुन लो। हे पृथ्वी के स्वामी! केवल एक ब्राह्मण कुल को छोड़, काल भी तुम्हारे चरणों पर शीश नवायेगा।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “प्रतापभानु की कथा” प्रकरण का चौपाई १, दोहा १६५ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में राजा प्रतापभानु के छल द्वारा विपथित होने और ब्राह्मण-शाप से उनके विनाश का वर्णन है।
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प्रतापभानु की कथा