जुग सम नृपहि गए दिन तीनी

चौपाई ४, दोहा १७२ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

जुग सम नृपहि गए दिन तीनी। कपटी मुनि पद रह मति लीनी॥ समय जानि उपरोहित आवा। नृपहि मते सब कहि समुझावा॥ ४ ॥

अर्थ

राजा को तीन दिन युग के समान बीते। उसकी बुद्धि कपटी मुनि के चरणों में लगी रही। निश्चित समय जानकर पुरोहित [बना हुआ राक्षस] आया और राजा के साथ की हुई गुप्त सलाह के अनुसार [उसने अपने] सब विचार उसे समझाकर कह दिये।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “प्रतापभानु की कथा” प्रकरण का चौपाई ४, दोहा १७२ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में राजा प्रतापभानु के छल द्वारा विपथित होने और ब्राह्मण-शाप से उनके विनाश का वर्णन है।

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प्रतापभानु की कथा