जे जे बर के दोष बखाने
जे जे बर के दोष बखाने
चौपाई २, दोहा ६९ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
जे जे बर के दोष बखाने। ते सब सिव पहिं मैं अनुमाने॥ जौं बिबाहु संकर सन होई। दोषउ गुन सम कह सबु कोई॥ २ ॥
अर्थ
परन्तु मैंने वर के जो-जो दोष बतलाये हैं, मेरे अनुमान से वे सब शिवजी में हैं। यदि शिवजी के साथ विवाह हो जाय तो दोषों को भी सब लोग गुणों के समान कहेंगे।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “पार्वती का जन्म और तपस्या” प्रकरण का चौपाई २, दोहा ६९ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में सती के पार्वती रूप में जन्म और शिव-प्राप्ति हेतु कठोर तपस्या का वर्णन है।
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पार्वती का जन्म और तपस्या