हौंहु कहावत सबु कहत राम सहत

दोहा २८ (ख) · बालकाण्ड

दोहा पाठ

हौंहु कहावत सबु कहत राम सहत उपहास। साहिब सीतानाथ सो सेवक तुलसीदास॥ २८ (ख) ॥

अर्थ

सब लोग मुझे श्रीरामजी का सेवक कहते हैं और मैं भी [बिना लज्जा-संकोच के] कहलाता हूँ (कहने वालों का विरोध नहीं करता); कृपालु श्रीरामजी इस निन्दा को सहते हैं कि श्रीसीतानाथजी जैसे स्वामी का तुलसीदास-सा सेवक है।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “श्रीरामगुण और श्रीरामचरित की महिमा” प्रकरण का दोहा २८ (ख) है। इस प्रकरण में श्रीराम के गुण, चरित्र और रामकथा की पवित्रता एवं मुक्तिदायक महिमा का वर्णन है।

पूरा प्रकरण पढ़ें

पूरा प्रकरण पढ़ें
श्रीरामगुण और श्रीरामचरित की महिमा