हमहि तुम्हहि सरिबरि कसि नाथा

चौपाई ३, दोहा २८२ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

हमहि तुम्हहि सरिबरि कसि नाथा। कहहु न कहाँ चरन कहँ माथा॥ राम मात्र लघु नाम हमारा। परसु सहित बड़ नाम तोहारा॥ ३ ॥

अर्थ

हे नाथ! हमारी और आपकी बराबरी कैसी? कहिए न, कहाँ चरण और कहाँ मस्तक! कहाँ मेरा राममात्र छोटा-सा नाम और कहाँ आपका परशु सहित बड़ा नाम।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “श्रीराम-लक्ष्मण और परशुराम संवाद” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा २८२ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में श्रीराम-लक्ष्मण और परशुराम के मध्य तीखा संवाद तथा परशुराम का शांत होना का वर्णन है।

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श्रीराम-लक्ष्मण और परशुराम संवाद