गुर बसिष्ठ कहँ गयउ हँकारा

चौपाई ४, दोहा १९३ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

गुर बसिष्ठ कहँ गयउ हँकारा। आए द्विजन सहित नृपद्वारा॥ अनुपम बालक देखेन्हि जाई। रूप रासि गुन कहि न सिराई॥ ४ ॥

अर्थ

गुरु वसिष्ठजी के पास बुलावा गया। वे ब्राह्मणों के साथ राजद्वार पर आये। उन्होंने जाकर अनुपम बालक को देखा, जो रूप की राशि है और जिसके गुण कहने से समाप्त नहीं होते।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “श्रीराम का प्राकट्य और बाललीला” प्रकरण का चौपाई ४, दोहा १९३ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में अयोध्या में श्रीराम के मंगलमय प्राकट्य और आनंदमयी बाललीलाओं का वर्णन है।

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श्रीराम का प्राकट्य और बाललीला