एक बार जननीं अन्हवाए
एक बार जननीं अन्हवाए
चौपाई १, दोहा २०१ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
एक बार जननीं अन्हवाए। करि सिंगार पलनाँ पौढ़ाए॥ निज कुल इष्टदेव भगवाना। पूजा हेतु कीन्ह अस्नाना॥ १ ॥
अर्थ
एक बार माता ने श्रीरामचन्द्रजी को स्नान कराया और श्रृंगार करके पालने पर पौढ़ा दिया। फिर अपने कुल के इष्टदेव भगवान् की पूजा के लिए स्नान किया।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “श्रीराम का प्राकट्य और बाललीला” प्रकरण का चौपाई १, दोहा २०१ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में अयोध्या में श्रीराम के मंगलमय प्राकट्य और आनंदमयी बाललीलाओं का वर्णन है।
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श्रीराम का प्राकट्य और बाललीला