एहि बिधि गर्भसहित सब नारी

चौपाई ३, दोहा १९० के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

एहि बिधि गर्भसहित सब नारी। भईं हृदयँ हरषित सुख भारी॥ जा दिन तें हरि गर्भहिं आए। सकल लोक सुख संपति छाए॥ ३ ॥

अर्थ

इस प्रकार सब स्त्रियाँ गर्भवती हुईं। वे हृदय में बहुत हर्षित हुईं। उन्हें बड़ा सुख मिला। जिस दिन से श्रीहरि [लीलासे ही] गर्भ में आये, सब लोकों में सुख और सम्पत्ति छा गयी।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “दशरथ का पुत्रेष्टि यज्ञ” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा १९० के अंतर्गत है। इस प्रकरण में राजा दशरथ के पुत्रेष्टि यज्ञ और रानियों के गर्भवती होने का वर्णन है।

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दशरथ का पुत्रेष्टि यज्ञ