दूत अवधपुर पठवहु जाई

चौपाई १, दोहा २८७ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

दूत अवधपुर पठवहु जाई। आनहिं नृप दसरथहि बोलाई॥ मुदित राउ कहि भलेहिं कृपाला। पठए दूत बोलि तेहि काला॥ १ ॥

अर्थ

जाकर अवधपुर में दूत भेजो, जो राजा दशरथ जी को बुला लाएँ। राजा प्रसन्न होकर बोले-- हे कृपालु! बहुत अच्छा! और उसी समय दूतों को बुलाकर भेज दिया।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “जनक का दूत, बारात का प्रस्थान” प्रकरण का चौपाई १, दोहा २८७ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में जनक के दूत के संदेश पर दशरथजी की बारात का जनकपुर के लिए हर्षपूर्ण प्रस्थान का वर्णन है।

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जनक का दूत, बारात का प्रस्थान