दूषन रहित सकल गुन रासी
दूषन रहित सकल गुन रासी
चौपाई २, दोहा ८० के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
दूषन रहित सकल गुन रासी। श्रीपति पुर बैकुंठ निवासी॥ अस बरु तुम्हहि मिलाउब आनी। सुनत बिहसि कह बचन भवानी॥ २ ॥
अर्थ
वह दोषों से रहित, सारे सद्गुणों की राशि, श्रीपति और वैकुण्ठपुरी का रहनेवाला है। हम ऐसे वर को लाकर तुमसे मिला देंगे। यह सुनते ही पार्वतीजी हँसकर बोलीं--
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “सप्तर्षियों की परीक्षा में पार्वती” प्रकरण का चौपाई २, दोहा ८० के अंतर्गत है। इस प्रकरण में सप्तर्षियों द्वारा पार्वतीजी की निष्ठा-परीक्षा और उनकी अडिग भक्ति एवं महिमा का वर्णन है।
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सप्तर्षियों की परीक्षा में पार्वती