देखन नगर भूपसुत आए
देखन नगर भूपसुत आए
चौपाई १, दोहा २२० के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
देखन नगर भूपसुत आए। समाचार पुरबासिन्ह पाए॥ धाए धाम काम सब त्यागी। मनहुँ रंक निधि लूटन लागी॥ १ ॥
अर्थ
जब पुरवासियों ने यह समाचार पाया कि दोनों राजकुमार नगर देखने के लिये आये हैं, तब वे सब घर-बार और सब काम-काज छोड़कर ऐसे दौड़े मानो दरिद्र [धन का] खजाना लूटने दौड़े हों।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “श्रीराम-लक्ष्मण का जनकपुर निरीक्षण” प्रकरण का चौपाई १, दोहा २२० के अंतर्गत है। इस प्रकरण में श्रीराम-लक्ष्मण द्वारा जनकपुर भ्रमण और नगरवासियों के मुग्ध होने का वर्णन है।
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श्रीराम-लक्ष्मण का जनकपुर निरीक्षण