चहुँ दिसि चितइ पूँछि मालीगन
चहुँ दिसि चितइ पूँछि मालीगन
चौपाई १, दोहा २२८ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
चहुँ दिसि चितइ पूँछि मालीगन। लगे लेन दल फूल मुदित मन॥ तेहि अवसर सीता तहँ आई। गिरिजा पूजन जननि पठाई॥ १ ॥
अर्थ
चारों ओर दृष्टि डालकर और मालियों से पूछकर वे प्रसन्न मन से पत्र-पुष्प लेने लगे। उसी समय सीताजी वहाँ आईं। माता ने उन्हें गिरिजा (पार्वती) जी की पूजा करने के लिए भेजा था।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “पुष्पवाटिका में सीताराम का मिलन” प्रकरण का चौपाई १, दोहा २२८ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में पुष्पवाटिका में श्रीसीताराम का परस्पर प्रथम दर्शन और मिलन का वर्णन है।
पूरा प्रकरण पढ़ें
पूरा प्रकरण पढ़ें
पुष्पवाटिका में सीताराम का मिलन