बोले कृपासिंधु बृषकेतू

चौपाई ४, दोहा ८८ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

बोले कृपासिंधु बृषकेतू। कहहु अमर आए केहि हेतू॥ कह बिधि तुम्ह प्रभु अंतरजामी। तदपि भगति बस बिनवउँ स्वामी॥ ४ ॥

अर्थ

कृपाके समुद्र शिवजी बोले--हे देवताओ ! कहिये, आप किसलिये आये हैं ? ब्रह्माजीने कहा-- हे प्रभो! आप अन्तर्यामी हैं, तथापि हे स्वामी! भक्तिवश मैं आपसे विनती करता हूँ।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “देवताओं की प्रार्थना, सप्तर्षि पार्वती के पास” प्रकरण का चौपाई ४, दोहा ८८ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में देवताओं की शिव से विवाह-प्रार्थना और सप्तर्षियों के पार्वती के पास जाने का वर्णन है।

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देवताओं की प्रार्थना, सप्तर्षि पार्वती के पास