बिजई समर बीर बिख्याता
बिजई समर बीर बिख्याता
चौपाई ४, दोहा १२२ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
बिजई समर बीर बिख्याता। धरि बराह बपु एक निपाता॥ होइ नरहरि दूसर पुनि मारा। जन प्रहलाद सुजस बिस्तारा॥ ४ ॥
अर्थ
वे युद्ध में विजय पाने वाले विख्यात वीर थे। इनमें से एक (हिरण्याक्ष) को भगवान् ने वराह (सूअर) का शरीर धारण करके मारा; फिर दूसरे (हिरण्यकशिपु) का नरसिंहरूप धारण करके वध किया और अपने भक्त प्रह्लाद का सुन्दर यश फैलाया।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “श्रीरामावतार के हेतु” प्रकरण का चौपाई ४, दोहा १२२ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में श्रीरामावतार के कारणों और रावण-कुम्भकर्ण के जन्म के हेतु का वर्णन है।
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श्रीरामावतार के हेतु