भूप बिलोकि लिए उर लाई

चौपाई १, दोहा ३५९ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

भूप बिलोकि लिए उर लाई। बैठे हरषि रजायसु पाई॥ देखि रामु सब सभा जुड़ानी। लोचन लाभ अवधि अनुमानी॥ १ ॥

अर्थ

राजा ने देखते ही उन्हें हृदय से लगा लिया। तदनन्तर वे आज्ञा पाकर हर्षित होकर बैठ गये। श्रीरामचन्द्रजी के दर्शन कर और नेत्रों के लाभ की यही सीमा है, ऐसा अनुमान कर सारी सभा शीतल हो गयी (अर्थात् सबके तीनों प्रकार के ताप सदाके लिये मिट गये)।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “बारात का अयोध्या लौटना” प्रकरण का चौपाई १, दोहा ३५९ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में विवाह के बाद बारात का नववधुओं सहित अयोध्या लौटना और नगर में आनंदोत्सव का वर्णन है।

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बारात का अयोध्या लौटना