भलेहिं नाथ कहि कृपानिकेता
भलेहिं नाथ कहि कृपानिकेता
चौपाई ४, दोहा २१४ के अंतर्गत · बालकाण्ड
चौपाई पाठ
भलेहिं नाथ कहि कृपानिकेता। उतरे तहँ मुनिबृंद समेता॥ बिस्वामित्र महामुनि आए। समाचार मिथिलापति पाए॥ ४ ॥
अर्थ
कृपाके धाम श्रीरामचन्द्रजी 'बहुत अच्छा, स्वामिन्!' कहकर वहीं मुनियों के समूह के साथ ठहर गये। मिथिलापति जनकजी ने जब यह समाचार पाया कि महामुनि विश्वामित्र आये हैं,
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “विश्वामित्र का जनकपुर में प्रवेश” प्रकरण का चौपाई ४, दोहा २१४ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में विश्वामित्र, श्रीराम और लक्ष्मण के जनकपुर आगमन और मिथिला की अनुपम शोभा का वर्णन है।
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विश्वामित्र का जनकपुर में प्रवेश