भईं बिकल अबला सकल दुखित देखि
भईं बिकल अबला सकल दुखित देखि
दोहा ९६ · बालकाण्ड
दोहा पाठ
भईं बिकल अबला सकल दुखित देखि गिरिनारि। करि बिलापु रोदति बदति सुता सनेहु सँभारि॥ ९६ ॥
अर्थ
हिमाचल की स्त्री (मैना) को दुःखी देखकर सारी स्त्रियाँ व्याकुल हो गयीं। मैना अपनी कन्या के स्नेह को याद करके विलाप करती, रोती और कहती थीं--।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “शिवजी की विचित्र बारात” प्रकरण का दोहा ९६ है। इस प्रकरण में शिवजी की विचित्र बारात और हिमवान के घर विवाह की मंगल तैयारी का वर्णन है।
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शिवजी की विचित्र बारात