भाग छोट अभिलाषु बड़ करउँ एक
भाग छोट अभिलाषु बड़ करउँ एक
दोहा ८ · बालकाण्ड
दोहा पाठ
भाग छोट अभिलाषु बड़ करउँ एक बिस्वास। पैहहिं सुख सुनि सुजन सब खल करिहहिं उपहास॥ ८ ॥
अर्थ
मेरा भाग्य छोटा है और अभिलाषा बड़ी है, परन्तु मुझे एक विश्वास है कि इसे सुनकर सज्जन सभी सुख पाएँगे और दुष्ट उपहास करेंगे।
संदर्भ
यह बालकाण्ड के “जीवों में रामरूप वन्दना” प्रकरण का दोहा ८ है। इस प्रकरण में समस्त चौरासी लाख योनियों में सीताराममय जगत् देखकर कवि की सर्वजीव वन्दना का वर्णन है।
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जीवों में रामरूप वन्दना