बरबस राज सुतहि तब दीन्हा

चौपाई १, दोहा १४३ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

बरबस राज सुतहि तब दीन्हा। नारि समेत गवन बन कीन्हा॥ तीरथ बर नैमिष बिख्याता। अति पुनीत साधक सिधि दाता॥ १ ॥

अर्थ

तब मनुजी ने अपने पुत्र को जबर्दस्ती राज्य देकर स्वयं स्त्रीसहित वन को गमन किया। तीर्थों में श्रेष्ठ, अत्यन्त पवित्र और साधकों को सिद्धि देनेवाला नैमिषारण्य प्रसिद्ध है।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “मनु-शतरूपा तप एवं वरदान” प्रकरण का चौपाई १, दोहा १४३ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में मनु-शतरूपा की कठोर तपस्या और भगवान द्वारा पुत्र रूप में प्रकट होने के वरदान का वर्णन है।

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मनु-शतरूपा तप एवं वरदान