बरष सहस दस त्यागेउ सोऊ

चौपाई १, दोहा १४५ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

बरष सहस दस त्यागेउ सोऊ। ठाढ़े रहे एक पद दोऊ॥ बिधि हरि हर तप देखि अपारा। मनु समीप आए बहु बारा॥ १ ॥

अर्थ

दस हजार वर्ष तक उन्होंने वायु का आधार भी छोड़ दिया। दोनों एक पैर से खड़े रहे। उनका अपार तप देखकर ब्रह्मा, विष्णु और शिवजी कई बार मनुजी के पास आये।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “मनु-शतरूपा तप एवं वरदान” प्रकरण का चौपाई १, दोहा १४५ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में मनु-शतरूपा की कठोर तपस्या और भगवान द्वारा पुत्र रूप में प्रकट होने के वरदान का वर्णन है।

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मनु-शतरूपा तप एवं वरदान