बहुबिधि राम सिवहि समुझावा

चौपाई ४, दोहा ७६ के अंतर्गत · बालकाण्ड

चौपाई पाठ

बहुबिधि राम सिवहि समुझावा। पारबती कर जन्मु सुनावा॥ अति पुनीत गिरिजा कै करनी। बिस्तर सहित कृपानिधि बरनी॥ ४ ॥

अर्थ

श्रीरामचन्द्रजी ने बहुत प्रकार से शिवजी को समझाया और पार्वतीजी का जन्म सुनाया। कृपानिधान श्रीरामचन्द्रजी ने विस्तारपूर्वक पार्वतीजी की अत्यन्त पवित्र करनी का वर्णन किया।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “पार्वती का जन्म और तपस्या” प्रकरण का चौपाई ४, दोहा ७६ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में सती के पार्वती रूप में जन्म और शिव-प्राप्ति हेतु कठोर तपस्या का वर्णन है।

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पार्वती का जन्म और तपस्या