अब बिनती मम सुनहु सिव जौं

दोहा ७६ · बालकाण्ड

दोहा पाठ

अब बिनती मम सुनहु सिव जौं मो पर निज नेहु। जाइ बिबाहहु सैलजहि यह मोहि मागें देहु॥ ७६ ॥

अर्थ

फिर उन्होंने शिवजी से कहा--हे शिवजी ! यदि मुझ पर आपका निज नेह है तो अब आप मेरी विनती सुनिये। मुझे यह माँग दीजिये कि आप जाकर पार्वती के साथ विवाह कर लें।

संदर्भ

यह बालकाण्ड के “राम का शिवजी से विवाह-अनुरोध” प्रकरण का दोहा ७६ है। इस प्रकरण में श्रीराम द्वारा शिवजी को पार्वती से विवाह करने के अनुरोध और शिवजी की सहर्ष स्वीकृति का वर्णन है।

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राम का शिवजी से विवाह-अनुरोध