समाचार जब लछिमन पाए

चौपाई १, दोहा ७० के अंतर्गत · अयोध्याकाण्ड

चौपाई पाठ

समाचार जब लछिमन पाए। ब्याकुल बिलख बदन उठि धाए॥ कंप पुलक तन नयन सनीरा। गहे चरन अति प्रेम अधीरा॥ १ ॥

अर्थ

जब लक्ष्मणजी ने ये समाचार पाए, तब वे व्याकुल होकर उदास-मुँह उठ दौड़े। शरीर काँप रहा है, रोमाञ्च हो रहा है, नेत्र आँसुओं से भरे हैं। प्रेम से अत्यन्त अधीर होकर उन्होंने श्रीरामजी के चरण पकड़ लिये।

संदर्भ

यह अयोध्याकाण्ड के “श्रीराम-लक्ष्मण-संवाद” प्रकरण का चौपाई १, दोहा ७० के अंतर्गत है। इस प्रकरण में लक्ष्मणजी का श्रीराम के साथ वन जाने के लिए प्रेमपूर्ण आग्रह और श्रीराम द्वारा उन्हें कर्तव्य की शिक्षा का वर्णन है।

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श्रीराम-लक्ष्मण-संवाद