सब कर आजु सुकृत फल बीता

चौपाई ३, दोहा ५७ के अंतर्गत · अयोध्याकाण्ड

चौपाई पाठ

सब कर आजु सुकृत फल बीता। भयउ कराल कालु बिपरीता॥ बहुबिधि बिलपि चरन लपटानी। परम अभागिनि आपुहि जानी॥ ३ ॥

अर्थ

आज सबके पुण्यों का फल पूरा हो गया! कठिन काल हमारे विपरीत हो गया। [इस प्रकार] बहुत विलाप करके और अपने को परम अभागिनी जानकर माता श्रीरामचन्द्रजी के चरणों में लिपट गयीं।

संदर्भ

यह अयोध्याकाण्ड के “राम-कौसल्या संवाद” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा ५७ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में श्रीराम द्वारा माता कौसल्या को वनवास का समाचार और धर्म का उपदेश का वर्णन है।

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राम-कौसल्या संवाद