पछिले पहर भूपु नित जागा

चौपाई १, दोहा ३८ के अंतर्गत · अयोध्याकाण्ड

चौपाई पाठ

पछिले पहर भूपु नित जागा। आजु हमहि बड़ अचरजु लागा॥ जाहु सुमंत्र जगावहु जाई। कीजिअ काजु रजायसु पाई॥ १ ॥

अर्थ

राजा नित्य ही रात के पिछले पहर जाग जाया करते हैं, किन्तु आज हमें बड़ा आश्चर्य हो रहा है। हे सुमन्त्र! जाओ, जाकर राजा को जगाओ। उनकी आज्ञा पाकर हम सब काम करें।

संदर्भ

यह अयोध्याकाण्ड के “दशरथ-कैकेयी संवाद, सुमंत्र का राम को बुलाना” प्रकरण का चौपाई १, दोहा ३८ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में दशरथ-कैकेयी संवाद, दो वरों की माँग और सुमंत्र द्वारा श्रीराम को महल में बुलाने का वर्णन है।

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दशरथ-कैकेयी संवाद, सुमंत्र का राम को बुलाना