नगर लोग सब सजि सजि जाना

चौपाई ४, दोहा १८७ के अंतर्गत · अयोध्याकाण्ड

चौपाई पाठ

नगर लोग सब सजि सजि जाना। चित्रकूट कहँ कीन्ह पयाना॥ सिबिका सुभग न जाहिं बखानी। चढ़ि चढ़ि चलत भईं सब रानी॥ ४ ॥

अर्थ

नगर के सब लोग सजा-सजाकर चित्रकूट को चल पड़े। जिनका वर्णन नहीं हो सकता, ऐसी सुन्दर पालकियों पर चढ़-चढ़कर सब रानियाँ चलीं।

संदर्भ

यह अयोध्याकाण्ड के “भरत-शत्रुघ्न सहित अयोध्यावासियों का वनगमन” प्रकरण का चौपाई ४, दोहा १८७ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में भरत-शत्रुघ्न, माताओं, गुरुजन और अयोध्यावासियों के प्रेमपूर्ण वनगमन का वर्णन है।

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भरत-शत्रुघ्न सहित अयोध्यावासियों का वनगमन