मुनि पद बंदि करिअ सोइ आजू

चौपाई २, दोहा २१४ के अंतर्गत · अयोध्याकाण्ड

चौपाई पाठ

मुनि पद बंदि करिअ सोइ आजू। होइ सुखी सब राज समाजू॥ अस कहि रचेउ रुचिर गृह नाना। जेहि बिलोकि बिलखाहिं बिमाना॥ २ ॥

अर्थ

अतः मुनि के चरणों की वन्दना करके आज वही करना चाहिये जिससे सारा राज-समाज सुखी हो। ऐसा कहकर उन्होंने बहुत-से सुन्दर घर बनाये, जिन्हें देखकर विमान भी विलखते हैं (लजा जाते हैं)।

संदर्भ

यह अयोध्याकाण्ड के “भरद्वाज द्वारा भरत का सत्कार” प्रकरण का चौपाई २, दोहा २१४ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में महर्षि भरद्वाज द्वारा भरत और उनके साथियों का दिव्य तपोबल से अद्भुत सत्कार का वर्णन है।

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भरद्वाज द्वारा भरत का सत्कार