मोहि कहु मातु तात दुख कारन
मोहि कहु मातु तात दुख कारन
चौपाई ३, दोहा ४० के अंतर्गत · अयोध्याकाण्ड
चौपाई पाठ
मोहि कहु मातु तात दुख कारन। करिअ जतन जेहिं होइ निवारन॥ सुनहु राम सबु कारनु एहू। राजहि तुम्ह पर बहुत सनेहू॥ ३ ॥
अर्थ
हे माता! मुझे पिताजी के दुःख का कारण कहो ताकि जिससे उसका निवारण हो (दुःख दूर हो) वह यत्न किया जाय। [कैकेयी ने कहा--] हे राम! सुनो, सारा कारण यही है कि राजा का तुम पर बहुत स्नेह है।
संदर्भ
यह अयोध्याकाण्ड के “श्रीराम-कैकेयी-संवाद” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा ४० के अंतर्गत है। इस प्रकरण में श्रीराम द्वारा कैकेयी की आज्ञा को सहज भाव से स्वीकार कर वनवास के लिए तत्पर होने का वर्णन है।
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श्रीराम-कैकेयी-संवाद