लै रघुनाथहि ठाउँ देखावा

चौपाई ३, दोहा ८९ के अंतर्गत · अयोध्याकाण्ड

चौपाई पाठ

लै रघुनाथहि ठाउँ देखावा। कहेउ राम सब भाँति सुहावा॥ पुरजन करि जोहारु घर आए। रघुबर संध्या करन सिधाए॥ ३ ॥

अर्थ

उसने श्रीरघुनाथजी को ले जाकर वह स्थान दिखाया। श्रीरामचन्द्रजी ने [देखकर] कहा कि यह सब प्रकार से सुन्दर है। पुरवासी लोग जोहार (वन्दना) करके अपने-अपने घर लौटे और श्रीरामचन्द्रजी सन्ध्या करने पधारे।

संदर्भ

यह अयोध्याकाण्ड के “शृंगवेरपुर में निषादराज द्वारा सेवा” प्रकरण का चौपाई ३, दोहा ८९ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में शृंगवेरपुर में निषादराज गुह द्वारा श्रीराम की प्रेमपूर्ण सेवा और भक्तिपूर्ण स्वागत का वर्णन है।

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शृंगवेरपुर में निषादराज द्वारा सेवा