खबरि लीन्ह सब लोग नहाए

चौपाई २, दोहा २०४ के अंतर्गत · अयोध्याकाण्ड

चौपाई पाठ

खबरि लीन्ह सब लोग नहाए। कीन्ह प्रनामु त्रिबेनिहिं आए॥ सबिधि सितासित नीर नहाने। दिए दान महिसुर सनमाने॥ २ ॥

अर्थ

खबर ले ली कि सब लोग नहा चुके हैं। त्रिवेणी में आकर प्रणाम किया। विधिपूर्वक [गंगा-यमुनाके ] श्वेत और श्याम जल में स्नान किया और दान देकर महिसुरों का सम्मान किया।

संदर्भ

यह अयोध्याकाण्ड के “भरतजी का प्रयाग, भरद्वाज से संवाद” प्रकरण का चौपाई २, दोहा २०४ के अंतर्गत है। इस प्रकरण में भरतजी का प्रयाग तीर्थ दर्शन और महर्षि भरद्वाज से भक्तिपूर्ण संवाद का वर्णन है।

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भरतजी का प्रयाग, भरद्वाज से संवाद